विधवा और तलाक़ सुदा लड़का 

यह कहानी नीलम और विकास की हैं। नीलम अपनी शादी के डेढ़ महीनें बाद ही विधवा हों जाती हैं और उसके जीवन में अचानक ही पतझड़ आ गया था। नीलम को ऐसा लगता था जैसे वह संसार की सबसे बदनसीब औरत हैं। उसकी आँखों के आगें उसका अँधेरे जैसा भविष्य हमेशा घूमता रहता था नीलम के घर में सिर्फ उसकी बूढ़ी माँ थीं और नीलम के पति के गुज़रने के बाद नीलम के पिता भी इस दुःख में गुजर जातें हैं। एक बड़ा भाई था लेकिन वो तो सबसे मुँह मोड़कर अपनी पत्नी को लेकर कहीं और रहनें चला जाता हैं इसलिए अब नीलम को लगता था कि जिंदगी में कभी भी खुशी उसके दरवाजे पर दस्तक नहीं देगी। 

इधर विकास की बात करतें हैं, विकास की शादी 2 साल तक तो अच्छी चल रहीं थीं लेकिन फिर उसकी पत्नी का किसी और के साथ चक्कर चलने लगा और वो उस दूसरे आदमी के साथ खुलें आम अय्याशी करनें लगी फिर कुछ ही दिनों में उसनें विकास को तलाक देकर दूसरें आदमी से शादी कर ली विकास अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता था लेकिन तलाक होने के बाद वह अपनी पत्नी के बिना बिल्कुल ही अकेला सा हो गया और अपनी सुनसान वीरान जिंदगी अकेला ही काटनें लगा। वह नहीं जानता था कि अब उसका भविष्य कैसा होगा कभी वह फिर किसी से शादी कर पायेगा या नहीं तभी एक दिन नीलम और विकास दोनों ही किसी की शादी की सालगिरह में जातें हैं नीलम की एक सहेली विकास को जानती थीं और उसी नें ही उन दोंनो को मिलवाया। विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी | Vidhwa Aur Talakh Suda Ladka Hindi Story

विकास से मिलकर नीलम को अच्छा नहीं लगा क्योकि विकास अपनीं पत्नी के बारे में नेगेटिव बातें कर रहा था और यह सुनकर नीलम को विकास पर गुस्सा आ रहा था कि वह औरत के बारें इतना गलत कैसे बोल सकता हैं। लेकिन बाद में उसकी सहेली मंजू नें बताया कि विकास कितना दुःखी लड़का हैं वह अच्छे खासे पैसे कमाता हैं और उसके परिवार वालें भी बिल्कुल सीधे हैं लेकिन फिर भी उसकी पत्नी ने दूसरें मर्द के चक्कर में इस बेचारे को धोखा दे दिया और अब विकास दिन रात रोता ही रहता हैं। यह सुनकर नीलम का दिल भर आया वह मन में सोचने लगी कि एक शरीफ लड़के को मैं बिना मतलब ही बुरा समझ रहीं थीं। 

तो उसी दिन से नीलम के मन में विकास के लिए एक प्रेम से जाग गया तभी कुछ ही दिनों बाद नीलम ने अपनी सहेली मंजू से कहा कि मंजू मैं पता नहीं क्यों विकास को चाहने लगी हूँ और मैं उसे पसंद भी करती हूँ अगर मंजू तू कुछ उपाय करके मेरी दोस्ती विकास से करवा दे तो शायद मेरी जिंदगी सवर जाएगी। तो मंजू ने कहा कि ठीक है तू कहती हैं तो मैं किसी बहानें से विकास को अपने घर बुलाती हूँ। मैं उसे तेरी सारी कहानी पहले ही बता दूँगी फिर तू भी आ जाना, आगे तुम दोनों की क़िस्मत। तभी मंजू अपनें जन्मदिन का बहाना करके विकास को अपनें घर बुलाती हैं और मंजू विकास को नीलम की बीती हुई सारी बात बताती हैं और वो उसे ये भी बताती हैं कि शादी के डेढ़ महीने में ही नीलम विधवा हो गयी थीं। विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी | Vidhwa Aur Talakh Suda Ladka Hindi Story

विकास को नीलम का ऐसा हाल देखकर उसे बहुत दुःख होता हैं तभी विकास नीलम से मिलता हैं और उसे समझता हैं, वाकई में नीलम एक बहुत दुखी लड़की थी। अब विकास ये तय कर लेता हैं कि वो नीलम का सहारा बनेगा। नीलम को भी विकास दिल से बहुत ही पसंद था और दोनों ही बाहर भी मिलनें लगे ताकि वो एक दूसरे को सही से समझ सकें। एक दिन उन दोनों को ही एक दूसरें से बेहद प्यार हो गया और रात रात भर वो दोनों ही फोन पर चेटिंग भी करतें हैं और कभी फोन पर बातें भी कर लेते थें। विकास बहुत ही रोमांटिक लड़का था वह अपनी बातों से नीलम का दिल जीत चुका था। 

नीलम को भी विकास के मुँह से अपनी तारीफ़ सुनना बहुत ही अच्छा लगता था दोनों ही हर रविवार को मिलतें थें पार्क में घूमनें जातें थें और कभी कभी रात को होटल में डिनर करनें भी चलें जातें थें तभी एक दिन नीलम विकास को अपनें साथ अपनें घर ले गयी और उसे अपनीं माँ से मिलवाया। विकास नें जब नीलम की माँ के पाँव छुए तो नीलम की माँ रोनें लगी और विकास का हाथ पकड़कर कहनें लगी कि बेटा मेरी बेटी का सहारा जरूर बनना और उसका साथ कभी भी मत छोड़ना मेरे सिवा इसका कोई भी नहीं अब मेरा भी कोई पता नहीं कब उस भगवान का बुलावा आ जाएं। अगर में मर गईं तो मेरी जवान लड़की का क्या होगा? 

ये सुनकर विकास की भी आँखों में आँसू आ गए और नीलम भी खूब रोनें लगीं तभी विकास नें कहा कि माँजी आप बिलकुल चिंता न करें नीलम का मैं मरते दम तक साथ नहीं छोडूंगा और आपकों भी कुछ नहीं होगा और आपकी बेटी का मैं जिंदगी भर ही ख़्याल रखूँगा। ये सुनकर नीलम की माँ और नीलम को बहुत ही अच्छा लगा और नीलम विकास का हाथ अपनें गालों पर लगाकर रोती हैं। तभी एक दिन दोनों ही पार्क में बैठें थें तो नीलम नें कहा, कि विकास, तुम अपने घरवालों से मुझकों कब मिलवाओगे? विकास में बात टाल दी और उससे प्यार भरी बातें करनें लगा और कहा नीलम मैं तुम्हारें बिल्कुल नजीदिक आना चाहता हूँ बोलों तुम मुझें अपने करीब कब आनें दोगी? लेकिन नीलम विकास को अपनें करीब आने से मना करतीं हैं, मगर फिर भी थोड़ा बहुत वो दोनों प्यार कर ही लेते हैं। विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी | Vidhwa Aur Talakh Suda Ladka Hindi Story

तभी नीलम की सहेली मंजू नें नीलम के कान भरना शुरू कर दिए, उसनें कहा कि नीलम लड़को पर इतना जल्दी भरोसा नहीं करतें। तू तो सीधी साधी हैं विकास को अपनी माँ से भी मिला दी, लेकिन विकास ने तुझें किसी से मिलवाया? कहीं ऐसा न हों कि वो तुझें इस्तेमाल करके न छोड़ दे। यह सुनकर नीलम के कान खड़े हो गए और वह सोचने लगीं कि कहीं विकास मुझें धोखा तो नहीं दे रहा। उधर विकास ये सोच रहा था कि मैं नीलम को अपनें घर कैसे लेकर आऊँ मेरा घर बिल्कुल छोटा सा हैं और मैं उसे अभी नहीं बताऊँगा कि उसके लिए मैंने एक घर बुक कर लिया हैं और 50 हजार जमा भी करवा दिए हैं और बाकी की में बैंक से किश्त बनवा लूँगा। एक महीनें बाद विकास का जन्मदिन था विकास नें सोचा मेरे जन्मदिन पर ही नीलम को सरप्राइज दूँगा और तभी नीलम और उसकी माँ को भी घर बुला लूँगा उसी दिन नीलम से शादी की सारी बात करके उसे सगाई की रिंग भी पहना दूँगा क्योकिं नीलम के परिवार में और कोई नहीं हैं इसलिए सारा कार्यक्रम नीलम और उसकी माँ के सामनें ही हों जाएगा। 

अगलें दिन नीलम विकास को फोन करतीं हैं और गुस्से में कहतीं हैं कि तुम अपने घरवालों से मुझें कब मिलवाओगे? विकास फिर से बात को टालतें हुए बात को पलट देता हैं। अब नीलम का शक और भी बढ़ जाता है, तभी नीलम विकास से कहतीं हैं तुम्हारें बैंक में कितने पैसे हैं मुझें अपना बैंक बैलेंस दिखाओ। लेकिन विकास ने बैंक बैलेंस दिखाने की बात भी टाल दी क्योकि सभी पैसे उसनें मकान के ब्याने में दे दिए थें और उसके एकाउंट में यहीं कोई 8 से 10 हजार ही पड़े थे। नीलम का शक अब बढ़ता ही जा रहा था और वो ये सोच लेती हैं कि विकास वाकई में मेरा इस्तेमाल कर रहा हैं और वो मुझसे शादी भी नहीं करेगा इसलिए नीलम विकास का फ़ोन तक उठाना बंद कर देती हैं। इधर विकास इंगेजमेंट की सारी तैयारी कर चुका था। बातों ही बातों में उसनें नीलम की अँगूठी का भी नाप ले लिया था और नीलम को इसका पता भी नहीं चला था। 

विकास नें नीलम की तरफ से खुद की भी अंगूठी बनवा ली थीं ताकि नीलम की माँ का कोई भी खर्चा न हों सकें। विकास नें किसी से थोड़ा कर्ज़ा लेकर नीलम के लिए साड़ी और उसका सारा सामान खरीद लिया था और उसकी माँ के लिए भी एक सुंदर साड़ी खरीद ली। अब विकास ने सबको यह कह दिया कि मेरे जन्मदिन वाली रात को मेरी सगाई नीलम से है और उसके घर में भी उसने सबको बता दिया था। सारी तैयारी हो चुकी थीं तभी एक दिन विकास नें नीलम को तीन बार कॉल किया मगर नीलम नें उसका फोन गुस्से में उठाया और कहा कि क्या बात हैं जल्दी कहो। तो विकास नें कहा कल शाम को 5 बजे तुम और तुम्हारी माँ को मैं लेने आ रहा हूँ तो नीलम नें कहा कि मुझें कहीं भी नहीं जाना। तो विकास नें कहा कि नीलम कल मेरा जन्मदिन हैं। विकास ये बताया लेकिन फिर भी नीलम ने विकास को जन्मदिन की बधाई नहीं दी। विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी | Vidhwa Aur Talakh Suda Ladka Hindi Story

तभी नीलम नें सोचा कि जन्मदिन में चली जाती हूँ इससे विकास का पर्दा फाश भी हों जाएगा। अगली शाम नीलम और उसकी माँ तैयार हों जाती हैं और अनिल की गाड़ी में बैठकर उस के साथ चली जाती हैं। पुरें रास्ते नीलम नें विकास से कोई भी बात नहीं कि उसे तो विकास के रूप में एक धोखेबाज नजर आ रहा था। तभी जैसे ही नीलम विकास के घर की दहलीज पर कदम रखतीं हैं वैसे ही विकास की माँ आरती की थाली लेकर आती हैं और नीलम को टिका लगाकर उसकी आरती उतारती हैं। ये देख कर नीलम हैरान रह जाती हैं तभी वो भी विकास की माँ के पांव छूती हैं उसकी माँ उसे अंदर आनें के लिए कहतीं हैं। 

सभी लोग खड़े थें विकास के बड़े भाई भाभी, विकास के भतीजा भतीजी और विकास की माँ व भोले भाले उनके बाबूजी, सभी लोग नीलम और उसकी माँ का स्वागत करतें हैं और बैठने के लिए कहतें हैं। अब विकास का जन्मदिन भी बन जाता हैं उसके बाद नीलम जानें के लिए कहती हैं तो विकास की माँ कहतीं हैं कि बहूँ तुम्हें जानें के लिए नहीं बुलाया हैं हमेशा के लिए यहीं रखनें के लिए बुलाया हैं। नीलम समझ नहीं पाती तभी विकास की बड़ी भाभी दो फूलों की माला और एक प्लेट में दो अँगूठी लेकर आती हैं। ये देखकर नीलम विकास की तरफ बड़े ही आश्चर्य के साथ देखतीं हैं तभी विकास एक अँगूठी नीलम के हाथ में रख देता हैं और कहता हैं आज हमारी इंगेजमेंट हैं नीलम, और इस बात के लिए मैं तुम्हें सरप्राइज करना चाहता था तुम्हें ये रिश्ता मंजूर हैं न? 

नीलम रोने लग जाती हैं और मन में ये सोचतीं हैं की मैंने किस लड़के पर शक किया। अनिल ने नए मकान के कागज भी नीलम के हाथ में रख दिए और कहा कि नीलम ये मकान मैंने तुम्हारें लिए लिया हैं क्योकि हमारा ये घर थोड़ा छोटा हैं न। इसलिए नीलम की आँखे अब अपनें आंसुओ को रोक ही नहीं पा रही थीं। तभी नीलम नें मकान के कागज अपनी सास के हाथ में रखतें हुए कहा कि माँजी मुझें तो इसी घर में रहना हैं आपके साथ मुझें नया मकान नहीं चाहिए इस बात से घर के सभी लोग खुश हो जातें हैं तभी विकास कहता हैं कि नीलम तुम्हारी माँ भी हमारे साथ ही रहेगी भला वो अकेली कैसे रह पाएगी ऐसा करतें हैं जो मकान मैंने लिया हैं वो पास में ही हैं माँ को तुम वहीं शिफ्ट कर दो ताकि तुम अपनी दोनों माँ को संभाल सको। विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी | Vidhwa Aur Talakh Suda Ladka Hindi Story


अब सब कुछ ठीक हो गया था। कहाँ नीलम एक शक की वजह से सब खत्म करने जा रहीं थीं ये गलतीं उसे बहुत महँगी पढ़ने वाली थीं मगर नीलम नें विकास के घर जाकर अच्छा ही किया। इसलिए दोस्तों, जीवन में कभी भी किसी शक की वजह से आप अपनें प्यार को कभी मत छोड़ना पहलें पूरा सच जानना फिर कोई कदम उठाना तभी आपका भी रिश्ता बच सकता हैं।

दोस्तों! विधवा और तलाक़ सुदा लड़का: एक दर्द भरी कहानी, हिंदी कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद!  

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