घमंडी बाज़

एक बार की बात हैं एक बाज अपनी पत्नी के साथ पहाड़ों के चट्टानों पर रहता था तभी एक दिन उन्होनें सोचा क्यों न जंगल के बीच ही घोंसला बनाकर रहा जाये जंगल में रहेंगें तो शिकार के लिए ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी क्योंकि जंगल में तो कई छोटे मोटे जानवर शिकार के लिए मिल ही जायेंगे। यह सोचकर बाज के इस जोड़े नें जंगल के एक सबसे ऊँचे पेड़ पर अपना घोंसला तैयार करना शुरू कर दिया। 

अब मौसम भी बदल चुका था तभी एक दिन बाज की पत्नी नें घोंसलें में अंडे दिए बाजो का ये जोड़ा बहुत ही खुश था कि कुछ ही दिनों में उनके छोटे छोटे चूजे होंगें और वो उनके साथ एक साथ आसमान में उड़ेंगे। अब बाज अपनी पत्नी को अंडों के पास छोड़कर अकेले ही शिकार के लिए निकल जाता था और उसकी पत्नी घोंसलें में रहकर अंडों की देखभाल करती थीं एक दिन जैसे ही वह बाज शिकार के लिए निकला तो उसनें अपनें घोंसलें वालें पेड़ के ठीक नीचें ही एक चूहें को देखा। घमंडी बाज़: बाज़ और चूहे की कहानी | हिंदी कहानी | Ghamandi Baaz Hindi Story

 बाज नें एक ही झटके में उस चूहें को अपने पंजो में दबोज लिया तभी चूहा अपनीं मौत को सामने देख कर घबरा गया और बोला बाज भाई आप तो पक्षियों के राजा हैं मुझ पर दया करों मेरे जैसे छोटे चूहें को खा कर आप की भूख शांत नहीं होगी अगर आप मेरी जान बक्श दो तो मैं आपको एक ऐसी बात बता सकता हूँ जो आपके और आपके परिवार के बहुत काम आएगी। बाज चूहें की ये बात सुनकर रुक गया और बोला कि ठीक है बताओ तुम क्या कहना चाहतें हों तब चूहें नें बोलना शुरू किया बाज भाई मैं जानता हूँ कि आप इस पेड़ के ऊपर घोंसला बनाकर अपनें परिवार के साथ बहुत खुशी से रहतें हों और मैं भी इस पेड़ के नीचे बिल बनाकर रहता हूँ। 

तो बात यह हैं कि इस पेड़ की जड़े बिल्कुल खोखली हो चुकीं हैं और इन जड़ो की पकड़ जमीन पर बहुत कमजोर हो गयी है इसलिए यह पेड़ किसी भी समय गिर सकता हैं तो बाज भाई आप इस पेड़ को छोड़कर अपनें परिवार के साथ कहीं और घोंसला बना लीजिए वरना ये पेड़ कभी भी गिर गया तो इससे आपके परिवार को बहुत ही भारी नुकसान हो सकता हैं। तभी बाज नें गुस्से में कहा कि तुम सिर्फ अपनी जान बचानें के लिए ऐसा कह रहे हों मैं पक्षियों का राजा भला तुम जैसे छोटे मोटे जानवर की बात पर विश्वास क्यों करूँ मैं इतना ताकतवर हूँ कि अगर मेरे परिवार पर कोई मुसीबत आ भी जाये तो मैं अकेला ही उसे संभाल लूँगा लेकिन हाँ तुम्हारी एक बात सही हैं कि तुम जैसे छोटे जानवर को खा कर मेरा जरा भी पेट नहीं भरेगा इसलिए मैं तुम्हें छोड़ रहा हूँ।  घमंडी बाज़ : बाज़ और चूहे की कहानी | हिंदी कहानी | Ghamandi Baaz Hindi Story

चूहा जानता था कि ये पेड़ कभी भी गिर सकता हैं इसलिए वह ये चाहता था कि बाज अपना घोंसला छोड़ दे लेकिन बाज अपनें घमंड के कारण चूहें की बात को अनसुनी कर देता हैं लेकिन चूहें का मन ये सोच कर बहुत खुश था कि बाज नें उसे जिंदा छोड़ दिया था और उसे एक नई जिंदगी दी हैं। यह बाज का उस पर एक अहसान था तभी अगले दिन जैसे ही बाज शिकार करनें के लिए घोंसलें से निकल पड़ा वैसे ही पीछे से एक बड़ा नेवला पेड़ पर चढ़ गया और वह नेवला बाज के घोंसलें तक पहुँच गया और अपने दाँतो से बाज की पत्नी को डराने लगा। 

शायद उसकी इच्छा बाज के अंडों को खानें की थीं। बाज की पत्नी नें भी वापस उस नेवले पर हमला किया मगर बाज की पत्नी नेवले की इस हरकत से बहुत घबरा गयी तो जैसे ही बाज वापस अपने घोंसलें पर आया तब उसकी पत्नी नें उसे सारी बात बताई और कहा मुझें डर हैं कि वह नेवला फिर से हमारे अंडों पर हमला करेगा इसलिए हमें जल्दी ही यह पेड़ छोड़ देना चाहिए क्योकि मैं अपनें बच्चों से बहुत प्यार करतीं हूँ । तभी बाज को भी लगा कि उसके अंडों को नेवला धोखे से खा सकता हैं इसलिए तुरंत बाज और उसकी पत्नी मिलकर दोनों नें ही उस पेड़ से कुछ ही दूर पर अपना घोंसला बनाना शुरू कर दिया और जैसे ही उन्होंने दूसरा घोंसला बना लिया वैसे ही अपनें अंडों को पंजे में दबाकर वह दूसरे घोंसलें में ले गए।  घमंडी बाज़ : बाज़ और चूहे की कहानी | हिंदी कहानी | Ghamandi Baaz Hindi Story

अब बाज और उसकी पत्नी दूसरें घोंसले में आराम से रहनें लगें। अभी उन्हें दूसरें घोंसलें में पहुँचे हुए एक दिन ही निकला था कि शाम के समय तेज हवा चलने लगी। तभी उन्होनें देखा कि जिस पेड़ पर वह पहलें रहतें थें वह हवा की मार को नहीं झेल पाया और धड़ाम से जमीन पर बड़ी ही तेजी से गिर गया। वो पेड़ अपनीं जड़ो के साथ ही पूरी तरह उखड़ चुका था। तभी बाज को अचानक ही उस चूहें की कहीं बात याद आयी कि चूहें नें कहा था कि वह पेड़ जड़ो से बहुत कमजोर हैं और कभी भी गिर सकता हैं लेकिन अब तो वो बाज अपना घोंसला बदल चुका था इसलिए बाज और उसका पूरा परिवार सुरक्षित था। 

तभी अगलें दिन सुबह वह चूहा बाज के नए घोंसलें के नीचें पहुँचा और उसनें बाज को आवाज लगाई और कहा क्यों बाज भाई तुम्हारा पूरा परिवार अब सुरक्षित हैं न? चूहें के साथ वह नेवला भी था। चूहें और नेवले को एक साथ देखकर वह बाज सोच में पड़ गया। तब चूहें नें बोलना शुरू किया हैरान मत हो पक्षियों के राजा बाज भाई यह नेवला मेरा दोस्त हैं और इसनें मेरी दोस्ती की खातिर ही तुम्हारें घोंसलें पर हमला किया था और अपनी जान को जोखिम में भी डाला। यह सब मेरा प्लान था ताकि मैं तुम्हारी और तुम्हारें परिवार की जान बचा सकूँ।  घमंडी बाज़ : बाज़ और चूहे की कहानी | हिंदी कहानी | Ghamandi Baaz Hindi Story

मैंने ही भेजा था नेवले को तुम्हारें घोंसलें पर हमला करने के लिए और वह भी ठीक उसी समय जब तुम घोंसलें पर नहीं थें क्योंकि मैं जानता था कि उस समय तुम्हारी पत्नी अकेली होगी और वह नेवले से डर कर तुमसें घोंसला बदलनें को जरूर कहेगी और हमारा मकसद भी यही था कि तुम अपनें परिवार को कहीं और लेकर चले जाओ ताकि तुम्हारें बच्चें सुरक्षित रहें। तभी यह सब सुनकर बाज बड़ी ही शर्मिंदगी महसूस कर रहा था कि उसने चूहें कि बात नहीं मानी और अब उस बाज का घमंड भी चूर चूर हो चुका था। 


तभी उसनें चूहें को धन्यवाद कहा। तो दोस्तों आज की कहानी हमें यह सिखाती हैं कि हम चाहें कितनें भी काबिल कितने भी होशियार या कितनें भी ताकतवर ही क्यों न हों जाये लेकिन हमें कभी भी अपनें आप पर घमंड नहीं करना चाहिए और कभी भी किसी को छोटा या मामूली समझ कर उसे कमजोर भी नहीं समझना चाहिए। घमंडी बाज़ : बाज़ और चूहे की कहानी | हिंदी कहानी | Ghamandi Baaz Hindi Story

दोस्तों! घमंडी बाज़ : बाज़ और चूहे की कहानी, हिंदी कहानी को पढ़ने के लिए धन्यवाद !  

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